प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव निधि तिवारी इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनकी नियुक्ति ने जहां उनके करियर की ऊंचाइयों को छूने की कहानी को सामने लाया, वहीं उनकी निजी जिंदगी और प्रेम कहानी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय विदेश सेवा (IFS) में अपनी पहचान बनाने वाली निधि की लव स्टोरी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। आइए, जानते हैं उनकी इस दिलचस्प कहानी के बारे में और यह भी कि उनके पति कौन हैं और क्या करते हैं।
वाराणसी से दिल्ली तक का सफर
निधि तिवारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली हैं। यह वही शहर है जिसे प्रधानमंत्री मोदी अपना संसदीय क्षेत्र मानते हैं। निधि ने अपनी शुरुआती पढ़ाई और करियर की नींव यहीं से रखी। साल 2013 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल कर उन्होंने सबको चौंका दिया। उस वक्त वह वाराणसी में असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) के पद पर कार्यरत थीं और नौकरी के साथ-साथ तैयारी कर अपने सपनों को सच कर दिखाया। लेकिन उनकी जिंदगी में एक और खूबसूरत मोड़ तब आया जब उनकी मुलाकात अपने जीवनसाथी से हुई।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में शुरू हुई प्रेम कहानी
निधि की लव स्टोरी की शुरुआत बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से हुई। यहीं उनकी मुलाकात डॉ. सुशील तिवारी से हुई, जो अब उनके पति हैं। सुशील एक जाने-माने डॉक्टर हैं और वर्तमान में दिल्ली में अपनी प्रैक्टिस करते हैं। बताया जाता है कि दोनों की पहली मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदली और साल 2006 में दोनों ने शादी कर ली। यह जोड़ी अपनी सादगी और एक-दूसरे के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती है। शादी के बाद भी निधि ने अपने करियर पर फोकस बनाए रखा और मेहनत के दम पर IFS तक का सफर तय किया।
पति-पत्नी की जोड़ी का अनोखा संतुलन
निधि और सुशील की जोड़ी में एक खास बात यह है कि दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में सफलता हासिल की, लेकिन कभी एक-दूसरे के सपनों के आड़े नहीं आए। शादी के बाद जब निधि ने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की, तब सुशील ने उनका पूरा साथ दिया। वहीं, निधि भी अपने व्यस्त शेड्यूल के बावजूद परिवार और पति के लिए वक्त निकालती हैं। सुशील का परिवार उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार से ताल्लुक रखता है, जहां निधि की ससुराल है। उनकी सफलता पर वहां के लोग आज भी गर्व महसूस करते हैं और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाते हैं।
एक मां से लेकर PM की निजी सचिव तक
शादी के कुछ साल बाद निधि और सुशील एक बेटे के माता-पिता बने। मां बनने के बाद भी निधि ने हार नहीं मानी। बच्चे की परवरिश के साथ-साथ उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी जारी रखी और 2014 बैच की IFS अधिकारी बनकर उभरीं। विदेश मंत्रालय से लेकर पीएमओ तक के सफर में उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं। साल 2014 में विदेश सेवा की ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बेस्ट ऑफिसर ट्रेनी का गोल्ड मेडल भी मिला। आज वह पीएम मोदी की निजी सचिव के तौर पर उनके रोजाना के कामकाज को संभाल रही हैं।
लोगों के लिए प्रेरणा बनी यह कहानी
निधि तिवारी की जिंदगी और उनकी प्रेम कहानी न सिर्फ दिलचस्प है, बल्कि प्रेरणादायक भी है। एक छोटे शहर से निकलकर देश के सबसे बड़े पद तक पहुंचना और साथ ही अपने परिवार के साथ संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता। उनकी कहानी यह सिखाती है कि मेहनत, प्यार और समर्पण के साथ हर सपना पूरा किया जा सकता है। उनके पति सुशील भी इस सफर में उनकी ताकत बने रहे, जो इस जोड़ी को और खास बनाता है।
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