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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थाईलैंड यात्रा: सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लेकर बिम्सटेक शिखर सम्मेलन तक

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थाईलैंड यात्रा: सांस्कृतिक आदान-प्रदान से लेकर बिम्सटेक शिखर सम्मेलन तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश थाईलैंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने थाई प्रधानमंत्री पैतोंग्तार्न शिनवात्रा से मुलाकात की और उन्हें तथा उनके पति को भारतीय हस्तशिल्प से निर्मित उपहार भेंट किए। प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड के सम्राट और महारानी से भी भेंट की और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े स्मृति-चिह्न सौंपे।

थाई राजा और रानी को सौंपे गए उपहार

प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड के राजा महा वजिरालोंगकोर्न फ्रा वजिराक्लाओचायुहुआ को ध्यान मुद्रा में सारनाथ बुद्ध की पीतल की मूर्ति भेंट की, जबकि रानी सुथिदा बजरसुधाबिमलक्षणा को वाराणसी से ब्रोकेड रेशमी शॉल भेंट किया।

  • सारनाथ बुद्ध मूर्ति: यह मूर्ति बिहार की शिल्प परंपरा को दर्शाती है और गुप्त एवं पाल कालीन कला की छवियों को सजीव करती है। मूर्ति की शांत मुद्रा, जटिल वस्त्र और कमल आसन इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।
  • ब्रोकेड शॉल: यह शॉल भारत की पारंपरिक बुनाई का प्रतीक है जिसमें ग्रामीण जीवन, त्योहारों और प्रकृति से प्रेरित चित्र हैं। रंगों का चयन भारतीय लघुचित्र और पिछवाई कला पर आधारित है, जिसमें लाल, नीला, हरा, पीला, गुलाबी और सुनहरा रंग प्रमुखता से शामिल हैं।
भारत-थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और रणनीतिक चर्चा

विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों देशों के नेताओं ने साझा सांस्कृतिक विरासत पर विचारों का आदान-प्रदान किया और द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की। बातचीत में विशेष रूप से भगवान बुद्ध के अवशेषों का उल्लेख किया गया, जिन्हें भारत से थाईलैंड लाया गया था। इस पहल ने दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और गहरा किया है।

बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकॉक में आयोजित 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने निम्नलिखित घोषणाओं का स्वागत किया:

  • बिम्सटेक बैंकॉक विजन 2030 को अपनाया गया।
  • बिम्सटेक समुद्री परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  • बिम्सटेक प्रतिष्ठित व्यक्ति समूह की रिपोर्ट को स्वीकार किया गया।
  • सभी सदस्य देशों ने शिखर सम्मेलन घोषणा-पत्र को अपनाया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

बिम्सटेक क्षेत्र के लिए भारत की प्रतिबद्धता

प्रधानमंत्री मोदी ने बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने आशा जताई कि इन प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएंगे।

सम्मेलन में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस, और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया।

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