US H-1B Visa: अमेरिका में नौकरी करने के लिए H-1B वीजा सबसे ज्यादा जरूरी होता है। इस वीजा के जरिए टेक प्रोफेशनल्स से लेकर डॉक्टर्स-इंजीनियर्स तक अमेरिका जाकर नौकरी कर पाते हैं। हालांकि, हर किसी के लिए इस वीजा को पाना आसान नहीं होता है। हाल ही में एक शख्स ने बताया कि उसे H-1B वीजा तो मिल गया, लेकिन फिर उसकी कंपनी ने उसे स्पांसर करने से इनकार कर दिया। शख्स का कहना है कि अब उसका भविष्य अंधकार में फंस गया है। लोगों ने कहा है कि उसे कभी भी एचआर या कंपनी पर भरोसा नहीं करना चाहिए था। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर nitial_Credit_3334 नाम के एक यूजर ने Unbelievable H1B situation नाम से एक पोस्ट की। इसमें उसने बताया कि किस तरह वह H-1B वीजा लॉटरी में चुना गया, लेकिन फिर उसे बताया गया कि कंपनी बजट में कटौती कर रही है और रिस्ट्रक्चरिंग की चर्चा भी जोरों पर है, जिस वजह से उसे स्पांसर नहीं किया जा सकता है। ये दिखाता है कि किस तरह से अमेरिका में काम करने का सपना संजोए वर्किंग प्रोफेशनल्स को इमिग्रेशन से जूझना पड़ता है। इससे ये भी मालूम चलता है कि यूएस में जॉब करना कितना मुश्किल है। बजट कटौती का हवाला देकर स्पांसरशिप से किया इनकारपोस्ट में यूजर ने लिखा, "इस हफ्ते मेरे साथ सबसे अजीब चीज हुई। मुझे एचआर ने बताया कि मेरा लॉटरी में सेलेक्शन हुआ है। फिर मुझे बताया गया कि कंपनी में बजट कटौती और रिस्ट्रक्चरिंग की बात हो रही है, जिस वजह से चेयरमैन और बोर्ड ने मेरी स्पांसरशिप पर रोक लगा दी है।" यूजर ने बताया कि वह अमेरिका में एक दशक से रह रहा है और इसी छोटी कंपनी में 2.5 साल से काम कर रहा है। मगर एक दम से पॉलिसी में हुए बदलाव ने उसे अंधकार में कर दिया है। कंपनी से निकाले जाने का भी सताया डरउसने आगे कहा, "मैं यहां पर बड़ा प्रभाव डाला है, उन्हें मेरे काम के बारे में मालूम है और वो ये भी जानते हैं कि मैं विदेशी हूं। अब एकदम से स्पांसरशिप से इनकार किया जा रहा है, वो भी तब जब मैं सेलेक्ट हो गया हूं।" यूजर ने खुद को कंपनी से निकाले जाने का भी डर बताया। उसने कहा, "STEM OPT पर अब बस मेरे 10 महीने बचे हुए हैं और अगर मुझे स्पांसर नहीं किया जाता है और कंपनी निकाल देती है तो कोई भी इतने कम समय के लिए मुझे नौकरी नहीं देगा। मुझे अपने देश लौटना होगा, जो गृह युद्ध के मुहाने पर खड़ा है।"
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