बांका: बिहार के बांका जिले के कई प्राइवेट स्कूल बच्चों के अपार कार्ड बनाने में लापरवाही दिखा रहे हैं। सरकारी स्कूलों ने तो यह काम तेजी से किया, लेकिन प्राइवेट स्कूल पीछे रह गए। छह महीने बीत जाने के बाद भी कई स्कूलों ने अपार कार्ड बनाने का काम शुरू नहीं किया है। समग्र शिक्षा डीपीओ राजकुमार राजू ने इस पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने 26 प्राइवेट स्कूलों को चिह्नित किया है और उनका यू-डाइस नंबर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीपीओ ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इन स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए शिक्षा विभाग पटना को सिफारिश की जाएगी। मीटिंग के दौरान डीपीओ ने दी चेतावनीदरअसल, शुक्रवार को एसएसए सभागार में प्राइवेट स्कूल संचालकों की एक मीटिंग हुई। इसमें डीपीओ ने चेतावनी दी कि आदेश के बावजूद अपार कार्ड नहीं बनाने वाले स्कूलों पर अब कार्रवाई होगी। विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। डीपीओ ने साफ कहा कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीपीओ राजकुमार राजू ने बताया कि सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। अब वहां स्थिति सुधर गई है। लेकिन प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि पटना स्तर से समीक्षा के बाद ही यू-डाइस रद्द करने का आदेश जारी हुआ है। इन स्कूलों का यू-डाइस कोड किया जा रहा रद्द डीपीओ के अनुसार, जिन स्कूलों का यू-डाइस कोड रद्द किया जा रहा है, वे हैं- मां गायत्री विद्या मंदिर अमरपुर, संगीता सरस्वती शिशु मंदिर अमरपुर, आदर्श विद्या निकेतन महादेवपुर अमरपुर, आवासीय कीड्स प्ले अमरपुर, डेफोडिल्स पब्लिक स्कूल अमरपुर, सेंट जॉस स्कूल बांका, आवासीय मंदार पब्लिक स्कूल बांका, आइडियल अलमा स्कूल बांका, आदर्श प्रतियोगिता शिक्षा निकेतन शांतिनगर बांका, हाजी रहमान पब्लिक स्कूल बांका, क्रिएटिव टैलेंट स्कूल कमलडीह, गायत्री विद्या निकेतन श्यामबाजार, सीएसए उच्च विद्यालय साहूपोखर, सेकरेड हर्ट पब्लिक स्कूल नवाडीह चांदन, नेहरू मेमोरियल स्कूल चांदन, जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल चांदन, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल सूईया, ज्ञानगंगा विद्यापीठ चांदन, आरती एकेडमी चांदन, लिटिल फ्लावर धोरैया, ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल सहदेवा कटोरिया, सरस्वती विद्या मंदिर सातपट्टी शंभुगंज, माई लार्डस एकेडमी शंभुगंज। यू-डाइस कोड एक तरह का पहचान नंबरडीपीओ ने मीटिंग में स्कूल संचालकों को साफ शब्दों में कहा कि आदेश के बावजूद अपार कार्ड नहीं बनाने वाले स्कूलों पर अब कार्रवाई होगी। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। बता दें कि यू-डाइस कोड एक तरह का पहचान नंबर होता है, जो हर स्कूल को दिया जाता है। अगर यह नंबर रद्द हो जाता है, तो स्कूल को कई तरह की सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
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