भोपाल: मध्य प्रदेश में बीते कुछ दिनों इसे लेकर चर्चाएं हो रही थीं कि मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या नहीं। गुरुवार को इन अटकलों पर विराम लग गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का एक्सटेंशन मिला है। यह मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी मुख्य सचिव को इकट्ठे एक साल का एक्सटेंशन मिला है। बताया जाता है कि सीएस अनुराग जैन दिल्ली के खास हैं। पीएमओ का उन पर अटूट भरोसा है। इस बार सेवा विस्तार पीएमओ के दखल के बाद ही मिला है। वह अब अगस्त 2026 तक मुख्य सचिव रहेंगे।
कुछ घंटों बाद ही हो गई घोषणा
दरअसल, मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो गए थे। शुक्रवार को उनका आखिरी वर्किंग डे था। आखिरी वक्त तक यह चर्चाएं चल रही थीं कि सेवा विस्तार मिलेगा या फिर एमपी को कोई नया मुख्य सचिव मिलेगा। दो पूर्ववर्ती मुख्यसचिवों को सेवा विस्तार मिलता रहा है। बताया जा रहा है कि पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद फोन आया। इसके बाद एमपी सरकार रेस हो गई। गुरुवार शाम छह बजे के करीब कार्मिक विभाग को एमपी सरकार ने पत्र भेजा। करीब डेढ़ घंटे बाद सीएम मोहन यादव ने अनुराग जैन के सेवा विस्तार की घोषणा कर दी। साथ ही सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दे दी।
अनुराग जैन के लिए बदल गया इतिहास
मुख्य सचिव अनुराग जैन की छवि साफ सुथरी है। साथ ही काम को समय पर डिलीवर करने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही पीएमओ के भरोसेमंद अधिकारियों में उनकी गिनती होती है। 4 अक्टूबर 2024 को वह पहली बार एमपी के मुख्य सचिव बनकर पहुंचे थे। उस वक्त भी कहा गया था कि वह दिल्ली की पसंद हैं। 31 अगस्त 2025 को रिटायरमेंट से पहले उन्हें एक साल का एक्सटेंशन मिल गया है। इससे पहले वीरा राणा को छह महीने और इकबाल सिंह बैंस को छह-छह महीने कर दो बार मिला था। अनुराग जैन पहले ऐसे मुख्य सचिव हैं, जिन्हें इकट्ठे एक साल का एक्सटेंशन मिला है। यह एमपी के इतिहास में पहली बार हुआ है।
कौन हैं अनुराग जैन
मुख्य सचिव अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से वह ग्वालियर के रहने वाले हैं। एमपी के मुख्य सचिव बनने से पहले वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय में सचिव थे। साथ ही लंबे समय तक पीएमओ में काम किया है। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया है। साथ ही यूएसए स्थित मैक्सवेल यूनिवर्सिटी से एमए किया है।
पीएमओ से है डायरेक्ट लिंक
वहीं, इनकी गिनती पीएम मोदी के खास अफसरों में होती है। अनुराग जैन पीएमओ में संयुक्त सचिव के तौर पर 2015 में तैनात रहे हैं। इनके पास सभी मंत्रालयों से समन्वय की जिम्मेदारी थी। काम से इन्होंने पीएमओ में अच्छी छाप छोड़ी थी। यही वजह है कि पीएम मोदी के फेवरेट लिस्ट में हैं। वहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय में रहने के दौरान भी इन्हें कई प्रोजेक्टस को गति दी है। इसमें सबसे अहम पीएम गति शक्ति परियोजना है। इनके काम की वजह से दिल्ली में इन्हें लोग हाईवे मैन भी कहते हैं।
सादगी के साथ रहते हैं हमेशा
अनुराग जैन हमेशा सादगीपूर्ण रहते हैं लेकिन काम को लेकर 24 घंटे एक्टिव रहते हैं। लाइमलाइट से दूर रहकर काम पर ही फोकस करते हैं। सहकर्मियों के साथ भी व्यवहारिक हैं। साथ ही एमपी में काम करने का लंबा अनुभव है।
कुछ घंटों बाद ही हो गई घोषणा
दरअसल, मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो गए थे। शुक्रवार को उनका आखिरी वर्किंग डे था। आखिरी वक्त तक यह चर्चाएं चल रही थीं कि सेवा विस्तार मिलेगा या फिर एमपी को कोई नया मुख्य सचिव मिलेगा। दो पूर्ववर्ती मुख्यसचिवों को सेवा विस्तार मिलता रहा है। बताया जा रहा है कि पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद फोन आया। इसके बाद एमपी सरकार रेस हो गई। गुरुवार शाम छह बजे के करीब कार्मिक विभाग को एमपी सरकार ने पत्र भेजा। करीब डेढ़ घंटे बाद सीएम मोहन यादव ने अनुराग जैन के सेवा विस्तार की घोषणा कर दी। साथ ही सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दे दी।
अनुराग जैन के लिए बदल गया इतिहास
मुख्य सचिव अनुराग जैन की छवि साफ सुथरी है। साथ ही काम को समय पर डिलीवर करने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही पीएमओ के भरोसेमंद अधिकारियों में उनकी गिनती होती है। 4 अक्टूबर 2024 को वह पहली बार एमपी के मुख्य सचिव बनकर पहुंचे थे। उस वक्त भी कहा गया था कि वह दिल्ली की पसंद हैं। 31 अगस्त 2025 को रिटायरमेंट से पहले उन्हें एक साल का एक्सटेंशन मिल गया है। इससे पहले वीरा राणा को छह महीने और इकबाल सिंह बैंस को छह-छह महीने कर दो बार मिला था। अनुराग जैन पहले ऐसे मुख्य सचिव हैं, जिन्हें इकट्ठे एक साल का एक्सटेंशन मिला है। यह एमपी के इतिहास में पहली बार हुआ है।
कौन हैं अनुराग जैन
मुख्य सचिव अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से वह ग्वालियर के रहने वाले हैं। एमपी के मुख्य सचिव बनने से पहले वह केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय में सचिव थे। साथ ही लंबे समय तक पीएमओ में काम किया है। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से बीटेक किया है। साथ ही यूएसए स्थित मैक्सवेल यूनिवर्सिटी से एमए किया है।
पीएमओ से है डायरेक्ट लिंक
वहीं, इनकी गिनती पीएम मोदी के खास अफसरों में होती है। अनुराग जैन पीएमओ में संयुक्त सचिव के तौर पर 2015 में तैनात रहे हैं। इनके पास सभी मंत्रालयों से समन्वय की जिम्मेदारी थी। काम से इन्होंने पीएमओ में अच्छी छाप छोड़ी थी। यही वजह है कि पीएम मोदी के फेवरेट लिस्ट में हैं। वहीं, सड़क परिवहन मंत्रालय में रहने के दौरान भी इन्हें कई प्रोजेक्टस को गति दी है। इसमें सबसे अहम पीएम गति शक्ति परियोजना है। इनके काम की वजह से दिल्ली में इन्हें लोग हाईवे मैन भी कहते हैं।
सादगी के साथ रहते हैं हमेशा
अनुराग जैन हमेशा सादगीपूर्ण रहते हैं लेकिन काम को लेकर 24 घंटे एक्टिव रहते हैं। लाइमलाइट से दूर रहकर काम पर ही फोकस करते हैं। सहकर्मियों के साथ भी व्यवहारिक हैं। साथ ही एमपी में काम करने का लंबा अनुभव है।
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