नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर वायरल हो रहा है। वीडियो में यूपी पुलिस समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करती हुई नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पोस्ट करते हुए ना ही जगह का नाम लिखा गया है और ना ही तारीख। दावा किया जा रहा है कि यूपी पुलिस ने वक्फ बिल का विरोध कर रहे समाजवादी पार्टी के गुंडों को सबक सिखाकर सराहनीय कार्य किया है। सजग टीम ने वीडियो की पड़ताल की और पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा भ्रामक है। सोशल मीडिया का दावा?एक्स पर वीडियो को पोस्ट करते हुए गहड़वाल साहब नाम के हैंडल ने लिखा है, 'यूपी प्रशासन का कार्य सराहनीय रहता है। सपाई लठैत गुंडों को इसी प्रकार समझाएं।' देखिए ट्वीट-इसी तरह के दावे के साथ यह वीडियो जितेंद्र अग्रहरि, सनातनी हिंदू और राजपूत ऑफ राजस्थान सहित कई एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। वीडियो को पोस्ट करते हुए #WaqfBill #WaqfBoard भी लिखा गया है। देखिए- वीडियो की सच्चाईसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की सच्चाई का पता लगाने के लिए हमने इसे गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। यहां हमारे सामने कुछ खबरों के लिंक आए, जिनके जरिए पता चला कि यह वीडियो लगभग चार साल पुराना है। वीडियो को वक्फ बिल से जोड़कर गलत दावे के साथ शेयर कर भ्रम फैलाया जा रहा है।सर्च में हमें नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की 9 दिसंबर 2020 की खबर का लिंक मिला, जिसमें वही वीडियो लगा है, जो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है। इस खबर में बताया गया है कि समाजवादी पार्टी के नेता यामीन खान पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए। वह सपा मुखिया अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।दरअसल, अखिलेश यादव को कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कन्नौज जाते समय हिरासत में लिया गया था। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ऐसे ही एक प्रदर्शन में पूर्व मंत्री मोहम्मद यामीन खान पुलिस लाठीचार्च का शिकार हो गए।सर्च में हमें 7 दिसंबर 2020 को अरशद आलम खान एडवोकेट के एक्स हैंडल से किया हुआ एक ट्वीट भी मिला, जिसमें वीडियो से जुड़ी तस्वीर लगी हुई है। ट्वीट में बताया गया है कि किसान विरोधी कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने जा रहे अखिलेश यादव जी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे पूर्व मंत्री मोहम्मद यामीन खान के ऊपर पुलिस ने बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज करते हुए घायल कर दिया है। देखिए ट्वीट- निष्कर्षसोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वक्फ बिल का विरोध कर रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को यूपी पुलिस ने सबक सिखा दिया। सजग टीम की पड़ताल में पाया गया कि सोशल मीडिया का यह दावा भ्रामक है। शेयर किया गया वीडियो लगभग चार साल पुराना है और कृषि कानूनों के विरोध से जुड़ा हुआ है।
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