चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया जी मंदिर में भंडारे की गिनती जारी है। हर महीने की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की गिनती की जा रही है। मंगलवार को चौथे चरण की गिनती में कुल 5 करोड़ 16 लाख रुपए की गिनती की गई। इससे पहले तीन चरणों में हुई गिनती को मिलाकर अब तक कुल 21 करोड़ 76 लाख रुपए की गिनती हो चुकी है।
24 जून को खोला गया था भंडार
24 जून को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर भंडार खोला गया था। भंडार खोलने के साथ ही उसी दिन गिनती का काम भी शुरू कर दिया गया था। पहले ही दिन भक्तों द्वारा चढ़ाए गए 10 करोड़ 25 लाख रुपए की गिनती की गई।
अमावस्या के दिन भारी भीड़ के कारण गिनती नहीं की गई
25 जून को अमावस्या के कारण गिनती नहीं की गई थी। मंदिर में विशेष पूजा और भक्तों की भारी भीड़ के कारण यह निर्णय लिया गया था। इसके बाद 26 जून को फिर से गिनती शुरू हुई और उस दिन 1 करोड़ 80 लाख रुपए गिने गए। 27 जून को फिर से गिनती की गई, जबकि उसके बाद 3 दिन के लिए प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। 27 जून को तीसरे चरण की गिनती की गई, जिसमें 4 करोड़ 55 लाख रुपए गिने गए। लेकिन इसके बाद 28 और 29 जून को शनिवार और रविवार के कारण बैंक बंद थे। इसलिए उन दो दिनों में गिनती नहीं हो सकी। 30 तारीख को मंदिर बोर्ड की बोर्ड मीटिंग हुई थी, जिसमें कई प्रशासनिक फैसले लिए गए थे। इस कारण उस दिन भी गिनती की प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी थी।
मंगलवार को राजभोग आरती के बाद शुरू हुई गिनती
1 जुलाई मंगलवार को चौथे चरण की गिनती शुरू हुई। सुबह राजभोग आरती के बाद मंदिर परिसर में गिनती शुरू हुई जो देर शाम तक जारी रही। इस दौरान 5 करोड़ 16 लाख रुपए की गिनती हुई। मंदिर प्रशासन ने बताया कि अगले चरण की गिनती 3 जुलाई बुधवार को होगी। अनुमान है कि कुल राशि में और इजाफा हो सकता है, क्योंकि इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान दिया है।
बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालु
श्री सांवलिया सेठ मंदिर को मेवाड़ का कृष्ण धाम कहा जाता है। हर महीने अमावस्या और पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु यहां आकर दान करते हैं। श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने पर यहां नकदी, सोना, चांदी और अन्य सामग्री चढ़ाते हैं।
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